Yatr Shabd Roop in Sanskrit | यातृ (देवरानी) शब्द रूप – ऋकारान्त स्‍त्रीलिङ्ग

नमस्कार दोस्तों, बहुत सारे छात्र इन्टरनेट पर यातृ शब्द रूप के बारे में जानकारी खोजते रहते है। तो इस लेख में हम जानेगे Yatr shabd Roop in sanskrit में शब्द के बहुत से रूप बनाये जा सकते है इस लेख में हम सीखेगे यातृ शब्द को बनाना संस्कृत भाषा में वाक्य का निर्माण करने के लिए शब्द के रूप बनते है। वाक्य के लिए एक शब्द के कई रूप हो सकते है। यातृ (देवरानी) शब्द ऋकारान्त स्‍त्रीलिङ्ग संज्ञा शब्द है। सभी ऋकारान्त स्‍त्रीलिङ्ग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनते हैं, जैसे- मातृ (माता), ननान्दृ (ननद), दुहितृ (दुहिता, बेटी), स्वसृ (बहन) आदि।

यातृ शब्द के रूप सातों विभक्ति में – Yatr Shabd Roop in Sanskrit

यातृ शब्द के रूप सातों विभक्ति में एवं तीनों वचनों में नीचे दिये गये हैं:

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमायातायातरौयातरः
द्वितीयायातरम्यातरौयातॄः
तृतीयायात्रायातृभ्याम्यातृभिः
चतुर्थीयात्रेयातृभ्याम्यातृभ्यः
पंचमीयातुःयातृभ्याम्यातृभ्यः
षष्‍ठीयातुःयात्रोःयातॄणाम्
सप्‍तमीयातरियात्रोःयातृषु
सम्बोधनहे यातः!हे यातरौ!हे यातरः!
Yatr Shabd Roop in Sanskrit
Yatr Shabd Roop in Sanskrit

आज के इस लेख में आपको यातृ शब्द के बारे में सम्पूर्ण जानकारी आप तक पहुचाने का प्रयास किया है अनेक शब्दों के शब्द रूप जाने के लिए नीचे दिए गए है। हमने अनेक शब्दों के शब्द रूपों को अच्छे से आपको समझाया है अगर आपको यह समझ में आया है तो कमेंट में जरूर बताएं। हमारी टीम आपके प्रश्न का उत्तर जरूर देंगे।

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