गिलोय के फायदे, उपयोग और नुकसान | Giloy Benefits and Side Effects in Hindi

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Benefits of Giloy in Hindi (गिलोय के फायदे ):-दोस्तों अपने गिलोय का नाम सुना ही होगा और साथ ही गिलोय के फायदे, उपयोग और नुकसान के बारे में भी जानते होंगे। लेकिन शायद ही आपको गिलोय के फायदे के बारे में पूर्ण जानकारी होगी। इस Blogs में माध्यम से हम आपको पूरी व सटीक जानकारी देंगे। प्राचीन काल में आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का उपयोग कर कई बीमारियों के रोकथाम व उपचार के लिए किया जाता था। गिलोय के बारे में आयुर्वेदिक ग्रंथों में बहुत सारी फायदेमंद बातें बताई गई हैं। आयुर्वेद में इसे एक जड़ी-बूटी औषधि माना गया है जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। क्या जानते है कि गिलोय क्या है, और गिलोय के क्या क्या फायदे होते है, किन किन बीमारियों में इसका उपयोग किया जाता है। गिलोय के औषधीय गुण किस तरह स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव करते हैं, समझने के लिए यह लेख जरूर पढ़ें।

Giloy Benefits and Side Effects in Hindi

गिलोय क्या है (What is Giloy?)

दोस्तों हम आपको बता देते है कि गिलोय एक प्रकार की बेल होती है। जो कि झाड़ियों और पेड़ो पर लिपटी रहती है। गिलोय की खास बात यह है कि यह जिस पेड़ पर लिपटी रहती है, उसके गुणों को अपने अंदर अवशोषित कर लेती है। इस कारण नीम पर लिपटी बेल काफी अच्छी मानी जाती है। जिसे हम नीम गिलोय भी कहते है। कोरोना काल के बाद लोगो में गिलोय के फायदों के बारे में जागरूकता बड़ी है। अब लोग इसे अपने घरो में भी उगाने लगे है। गिलोय को गुडूची (Guduchi), अमृता आदि नामों से भी जाना जाता है। कोरोना काल में गिलोय का उपयोग लोगो ने अपनी रोग-प्रतिरोधक समता बढ़ाने में काफी Use किया है। वैज्ञानिक भाषा में गिलोय की बेल को टीनोस्पोरा कार्डीफोलिया (Tinospora cordifolia) के नाम से जाना जाता है।

गिलोय के क्या क्या गुण होते है (What are the qualities of Giloy?)

दोस्तों गिलोय के गुणों के(गिलोय के फायदे) बारे में बहुत ही कम लोग जाते है। गिलोय स्वाद में कड़वा होता है।आयुर्वेद के अनुसार गिलोय की पत्तियां, जड़ें और तना तीनो ही भाग सेहत के लिए बहुत गुणकारी हैं लेकिन बीमारियों के इलाज में सबसे ज्यादा उपयोग गिलोय के तने या डंठल का ही होता है। गिलोय की तासीर बहुत ही गर्म होती है। गिलोय में बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं साथ ही इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और कैंसर रोधी गुण होते हैं। गिलोय में गिलोइन नामक ग्लूकोसाइड और टीनोस्पोरिन, पामेरिन एवं टीनोस्पोरिक एसिड पाया जाता है। इसके अलावा गिलोय (Giloy in hindi) में कॉपर, आयरन, फॉस्फोरस, जिंक,कैल्शियम और मैगनीज भी प्रचुर मात्रा में मिलते हैं।  गिलोय का उपयोग कर वात-पित्त और कफ को ठीक किया जा सकता है। गिलोय के फूल मटर के दानो के समान के आकार के होते है।

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अनेक भाषाओं में गिलोय के नाम (Giloy’s Name in Many Languages):-

दोस्तों भारत देश में गिलोय को कई नामो से जाना जाता है। जो इस प्रकार है:-

क्रमभाषानाम
1.Hindiगडुची, गिलोय, अमृता
2.Gujaratiगुलवेल (Gulvel), गालो (Galo)
3.Punjabiगिलोगुलरिच (Gilogularich), गरहम (Garham), पालो (Palo)
4.Englishइण्डियन टिनोस्पोरा (Indian tinospora), हार्ट लीव्ड टिनोस्पोरा (Heart leaved tinospora), मून सीड (Moon seed), गांचा टिनोस्पोरा (Gulancha tinospora);  टिनोस्पोरा (Tinospora)
5.Bengaliगुंचा (Gulancha), पालो गदंचा (Palo gandcha), गिलोय (Giloe)
6.Sanskritवत्सादनी, छिन्नरुहा, गुडूची, तत्रिका, अमृता, मधुपर्णी, अमृतलता, छिन्ना, अमृतवल्ली, भिषक्प्रिया
7.Kannadaअमृथावल्ली(Amrutavalli), अमृतवल्ली (Amritvalli), युगानीवल्ली (Yuganivalli), मधुपर्णी (Madhuparni)
8.Goaअमृतबेल (Amrytbel)
9.Oriyaगुंचा (Gulancha), गुलोची (Gulochi)
10.Nepaliगुर्जो (Gurjo)
11.Marathiगुलवेल (Gulavel), अम्बरवेल(Ambarvel)
12.Malayalamअमृतु (Amritu), पेयामृतम (Peyamrytam), चित्तामृतु (Chittamritu) Arabic – गिलो (Gilo)
13.Tamilअमृदवल्ली (Amridavalli), शिन्दिलकोडि (Shindilkodi)
14.Teluguतिप्पतीगे (Tippatige), अमृता (Amrita), गुडूची (Guduchi)
15.Persianगुलबेल (Gulbel), गिलोय (Giloe)

गिलोय के फायदे (Giloy ke fayde in hindi):-

दोस्तों गिलोय के कई फायदे होते है। अधिकतर लोग गिलोय का जूस बनाकर या काढ़े के रूप में करते है। आयुर्वेद की भासा में गिलोय को अमृता कहा जाता है, जिसका मतलब होता है कि अमृत के समान। अथार्त गिलोय का उपयोग करने से हमे अनेक फायदे होते है। जो इस प्रकार है:-

  1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए गिलोय के फायदे (Giloy benefits for immunity in hindi):- अक्सर लोग मौसम परिवर्तन के कारण बीमार पड़ने लगते है। क्योकि उनकी रोग-प्रतिरोग समता कम हो जाती है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप गिलोय का इस्तेमाल कर सकते हो। इसके लिए आपको गिलोय का तना या डंठल को लेकर उसका जूस बनाकर सेवन करने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। माना जाता है कि गिलोय के तने के अर्क में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी अथार्त  रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला गुण मौजूद होता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना भी गिलोय के फायदे (Giloy ke fayde in hindi) में शामिल होने के साथ साथ इसमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है।
  2. त्वचा के लिए गुणकारी गिलोय के फायदे (Giloy benefits for skin problem):- कई लोगो को त्वचा संबंधी रोग और एलर्जी हो जाती है। ऐसे लोग गिलोय का Use करके त्वचा संबंधी रोगो और एलर्जी से छुटकारा पा सकते है। यदि गिलोय का पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगाया जाये तो त्वचा से संबंधित एलर्जी, अनइवन टोन, पिंपल्स व डार्क स्पॉट्स जैसी समस्याओ को भी दूर सकता है। क्योकि गिलोय में एंटी-एजिंग गुण होते हैं। और इस पेस्ट को Face पर लगाया जाये तो यह पेस्ट त्वचा पर मौजूद चकत्ते, कील-मुंहासो आदि को दूर करने में सहायक है। और साथ ही स्किन पर झुर्रिया भी नहीं पड़ने देता है।
  3. लीवर के लिए गिलोय के फायदे (Giloy benefits for liver in hindi):- गिलोय के जूस का सेवन करना हमारे लीवर के लिए फायदेमंद होता है। गिलोय के जूस का नियमित सेवन से लीवर संबंधी गंभीर रोगों से बचाव होता है। गिलोय जूस का सेवन करने से हमारे शरीर में खून साफ होता है। और साथ ही  एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम का स्तर को बढ़ाने का काम करता है। इसके लिए 1 चम्मच गिलोय केपाउडर (Giloy Powder) को लेकर उसे 2 गिलास पानी के साथ उबलने के लिए रखें। और जब यह मिश्रण गाढ़ा व आधा हो जाये तो ऐसे की कपड़े द्वारा छानकर हल्का गुनगुना पिए। लिवर की बीमारी से ग्रस्त लोगो को बिन डॉक्टर या किसी एक्सपर्ट्स की सलाह के गिलोय का सेवन ना करें।
  4. अस्थमा में गिलोय के फायदे(Giloy benefits for asthma in hindi):- दोस्तों अस्थमा के रोगियों को गिलोय का सेवन करना काफी अच्छा बताया गया है। अस्थमा एक ऐसी बीमारी है, जिसमे रोगी की छाती में खासी के कारण कफ जमा हो जाता है, जिसके चलते सांस लेने में दिक्क्त और खबराहट होने लगती है। तथा छाती फूलने लगती है। गिलोय में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण यह सांसो से संबंधित रोगों से आराम दिलाने में प्रभावशाली है। और छाती में कफ को जमा नहीं होने देता है। दोस्तों रोगी को अस्थ्मा और दमा से राहत पाने के लिए 1 चमच्च गिलोय चूर्ण और मुलेठी के साथ शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करने से आराम मिलता है।
  5. गठिया रोग में गिलोय के फायदे (Giloy benefits for rheumatoid arthritis in hindi):- दोस्तों गिलोय में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करता है। और इसके साथ ही गिलोय में एंटी-अर्थराइटिक और एंटी-ऑस्टियोपोरोटिक तत्व होता है जो जोड़ो के दर्द में राहत देता है। इसके लिए गठिया के रोगी को गिलोय के जूस और काढ़े का सेवन करना चाहिए। अगर आप काढ़े का सेवन कर रहे हैं तो  गिलोय का काढ़ा बनाकर उसमें शहद मिलाएं और दिन में दो बार खाने के बाद इसका सेवन करें।
  6. डायबिटीज गिलोय के फायदे (Giloy benefits for diabetes in hindi):- दोस्तों गिलोय का सेवन करना डायबिटीज मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। क्योकि गिलोय हाइपोग्लाईसेमिक एजेंट की तरह काम करती है। गिलोय के जूस का सेवन करने से ब्लड शुगर कम होता है और इन्सुलिन का स्राव बढ़ता है। डायबिटीज के रोगियों को रोज सुबह और शाम खाली पेट गिलोय का जूस पीना चाहिए। और यदि गिलोय चूर्ण का इस्तेमाल करना चाहते है तो सुबह और शाम 1 चमच्च चूर्ण का सेवन खाना खाने के बाद करे। डायबिटीज की बीमारी से ग्रस्त लोगो को बिन डॉक्टर या किसी एक्सपर्ट्स की सलाह के गिलोय का सेवन ना करें।
  7. डेंगू बुखार मे गिलोय के फायदे (Giloy benefits for dengue in hindi):- दोस्तों जैसा की हम आपको पहले बता चुके है की गिलोय में बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं। अक्सर डेंगू बुखार होने पर रोगी की प्लेटलेट्स डाउन होने लगती है। जिसके कारण मरीज की हालत नाजुक हो जाती है। यदि डेंगू के मरीज को गिलोय का जूस पिलाया जाये तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और गिलोय के पत्ते का जूस पीने से प्लेटलेट्स काउंट भी बहुत तेजी से बढ़ता है। इसके लिए गिलोय के 8-10 पत्ते को 2 लीटर पानी में तुलसी के कुछ पत्तियों के साथ 5-7 मिनट तक उबालें। और जब यह आधा हो जाये तो इसे किसी कपड़े से छानकर ठण्डा होने पर रोगी पिलाये। इससे उनके स्तिथि में काफी सुधार देखने को मिल सकता है।
  8. अपच मे गिलोय के फायदे (Giloy benefits for indigestion in hindi):- आजकल गलत खानपान और तेज मसालों से बने फ़ास्ट फ़ूड खाने से पेट से संबन्धित बीमारिया  कब्ज़, एसिडिटी या अपच, गैस बनना, पेट दर्द होना, डायरिया रोग होना आदि समस्याए होने लगती है। ऐसे में यदि रोज गिलोय का सेवन किया जाये तो पेट से संबन्धित बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके लिए आधा चमच्च गिलोय चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ रोज सोते समय लेना काफी फायदेमंद होता है। इसलिए कब्ज़ और अपच से छुटकारा पाने के लिए गिलोय का रोजाना सेवन करें।
  9. खांसी मे गिलोय के फायदे (Giloy benefits for cough in hindi):- अक्सर कई लोगो को सर्दी, जुखाम व बुखार होने पर खासी की शिकायत हो जाती है। और यह खासी कई दिनों तक रह जाती है। ऐसे में अगर गिलोय का सेवन किया जाये तो खासी की समस्या से निजात मिल सकता है। गिलोय में एंटीएलर्जिक गुण होने के कारण यह खांसी में जल्दी फायदा करती है। रोज सुबह गिलोय के काढ़े का सेवन करें। अगर गिलोय के दो चम्मच जूस को शहद के साथ रोज सुबह लिया जाये तो खासी में आराम मिलता है।
  10. पीलिया मे गिलोय के फायदे (Giloy benefits for jaundice in hindi):- दोस्तों अगर किसी भी व्यक्ति के पीलिया रोग हो गया है या पीलिया रोग की शिकायत है। पीलिया के मरीजों को गिलोय के ताजे पत्तों का रस पिलाने से पीलिया जल्दी ठीक होता है। गिलोय के जूस का रोज सेवन करने से पीलिया रोग होने की संभावना भी कम हो जाती है। इसके साथ ही पीलिया रोग के दौरान होने वाली बुखार और दर्द में भी आराम मिलता है। एक से दो चुटकी गिलोय सत्व को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार नाश्ते या कुछ खाने के बाद सेवन करना चाहिए। गिलोय का सेवन करना काफी लाभदायक होता है। यह कई बीमारियों के इलाज में फायदेमंद होता है।
  11. यौन इच्छाओं मे गिलोय के फायदे (Giloy benefits for sexual desires in hindi):- गिलोय का सेवन करने से हमारी Sexual Life भी अच्छी रहती है। गिलोय के सेवन से पुरुषों की यौन समस्याओं को दूर किया जा सकता है। क्योकि गिलोय में यौन इच्छाओं को बढ़ाने वाले गुण पाए जाते है। गिलोय में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी तत्व पाया जाता है जो की रोग प्रतिरोग समता को बढ़ाने के साथ साथ ऐफ्रडिजीएक (Aphrodisiac) प्रभाव के कारण यौन इच्छाओं को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसके लिए गिलोय चूर्ण को पानी के साथ सोते समय सेवन कर सकते हो इस प्रकार आप नेचुरल तरिके से अपनी यौन इच्छाओं को बढ़ा सकते हो।
  12. आंखों की समस्याओं में गिलोय के फायदे (Giloy Beneficial in eye problems):- दोस्तों अक्सर कई लोगो को आँखो से सम्भंधित जैसे आँखों में जलन, खुजली, आँखों से पानी आना, आँखों का लाल होना आदि समस्याएं होने लगती है। गिलोय का जूस इन सभी समस्याओ में काफी फायदेमंद होता है। क्योकि गिलोय में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण पाया जाता है जो की आखो के लिए लाभकारी होता है। इसके लिए गिलोय के जूस को आंवले के साथ सेवन किया जाता है। इसके सेवन से आंखों के रोगों तो दूर होते ही है, साथ ही आंखों की रोशनी भी बढ़ती हैं।
  13. बवासीर में गिलोय के फायदे (Giloy beneficial in piles):- बवासीर एक बहुत ही गंभीर बीमारी है। बवासीर में गुदा से ब्लड निकलना और गूदे में जलन होती है। इन सभी समस्या में गिलोय का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है। इसके लिए यदि गिलोय के जूस को हरड़ और धनिया के साथ सेवन करने से बवासीर में आराम मिलता है।

सेवन का तरीका:- गिलोय, हरड़ और धनिया को बराबर मात्रा में लेकर लगभग आधा लीटर पानी में अच्छी तरह से उबाले और इसका एक चौथाई हिस्सा होने तक उबाले अब इसमें गुड़ डालकर सुबह-शाम सेवन करें इससे बवासीर में आराम मिलता है।

गिलोय के नुकसान और सावधानियां (Giloy side effects in Hindi):-

आयुर्वेद के अनुसार गिलोय एक बहुत उपयोगी और गुणकारी औषधि है। इसके कई लाभ होते है परन्तु अधिक मात्रा या गलत तरिके से सेवन करने से हानि भी हो सकती है। आइये जानते हैं कि गिलोय के नुकसान (Giloy side effects in hindi) क्या क्या हैं और किन-किन परिस्थितयों में गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए। जो इस प्रकार है:-

  1. गर्भवती महिलाओ को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। क्योकि इसकी तासीर बहुत गर्म होती है। इस लिए इसके सेवन से पहले आपको किसी भी डॉक्टर और सलाहकार से परामर्श लेना चाहिए। अन्यथा आपको हानि हो सकती है।
  2. यह ब्लड सुगर को कम करता है। इसलिए डायबिटीज की दवा लेने वाले इसके उपयोग में सावधानी बरतें, नहीं तो ब्लड शुगर काफी कम हो सकता है। ऐसे में रोगी की हालत बिगड़ सकती है।
  3. अगर अपने किसी भी प्रकार की सर्जरी करवा रखी हो तो भी इसके सेवन से दूर रहना चाहिए।

गिलोय के पौष्टिक तत्व (Giloy Nutritional Value in Hindi):-

दोस्तों हम आपको पहले ही बता चुके है कि गिलोय एक बेल के समान होती है जिसको हम अमृता के नाम से भी जानते है। जिसका मतलब होता है कि अमृत के समान। अथार्त गिलोय का उपयोग करने से हमे अनेक फायदे होते है। इसमें मौजूद रसायन ही इसके औषधीय गुणों के भंडार का कारण हैं। तो आइये जानते है की इसमें कौन-कौन से पौष्टिक तत्व होते है। जिनका वर्णन इस प्रकार है:-

क्रम संख्यापौष्टिक तत्व
1.सैपोनिन्स
2.क्विनोन्स
3.पॉलीफेनोल्स और टैनिन
4.टरपेनोइड्स और एसेंशियल ऑयल्स
5.अल्कालोइड्स
6.ग्लाइकोसाइड
7.स्टेरायड्स
8.लैक्टिक और पॉलीपेप्टाइड
9.फ्लेवेनॉइड
10.कूमैरिन्स

गिलोय का उपयोग (How to Use Giloy in Hindi):-

  • गिलोय के उपयोग के लिए पहले गिलोय के तने व पत्तो का जूस बना कर सकते है। इसके लिए गिलोय के तने को किसी ग्राइंडर या मिक्सी की सहायता से पीसकर उसके रस को छान ले। अब इस रस को एक गिलास पानी में मिलकर रोज सुबह व सायं सेवन करे।
  • काढ़े के रूप में इसका इस्तेमाल 20 एमएल तक दिन में दो बार किया जा सकता है। इसके लिए इसकी जड़ और तने को उबाल कर इसका काढ़ा तैयार करना होगा।
  • गिलोय, कंटकारी, अडूसा की छाल इन तीनो को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो छानकर सेवन करें। इस काढ़े में थोड़ा शहद डालकर पिने से उलटी नहीं होती है।
  • गिलोय, अतीश या अतिविषा, अदरक की जड़ इन तीनो को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो छानकर सेवन करें। रोज 20-30 ग्राम की मात्रा में इस काढ़े का सेवन करने से पेट और पाचन संबंधी सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
  • गिलोय के जूस में आंवले को मिलाकर पिने से आखो की रोशनी बढ़ती है। और साथ ही आखो से संबंधित समस्या भी दूर होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:-

क्या छोटे बच्चो को गिलोय का सेवन करना चाहिए?

जी नहीं। गिलोय का सेवन 5 साल से कम उम्र के बच्चो को नहीं करना चाहिए।


गिलोय की तासीर कैसी होती है?

दोस्तों जैसा की ऊपर लेख में बता दिया है कि गिलोय की तासीर बहुत गर्म हटी है।

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