श्री विष्णु स्तुति – शान्ताकारं भुजंगशयनं | Shri Vishnu Stuti

Shri Vishnu Stuti:- इस लेख में सर्वप्रथम आपको विष्णु स्तुति इन संस्कृत में पढ़ने को मिलेगा। विष्णु स्तुति अर्थ सहित Vishnu Stuti In Hindi आपको समझायेगे। जितना महत्वपूर्ण भगवान विष्णु की आरती या चालीसा रखती हैं, उतना ही महत्व विष्णु स्तुति Vishnu Stuti भी रखती हैं। श्री विष्णु स्तुति में भगवान विष्णु के कार्यों, गुणों, रूपों, महत्ता इत्यादि के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

Shri Vishnu Stuti
Shri Vishnu Stuti

|| Shri Vishnu Stuti ||

॥ विष्णु शान्ताकारं मंत्र ॥
शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् ।
लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम् ॥
यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे: ।
सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा: ।
ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो
यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम: ॥
मङ्गलम् भगवान विष्णुः | श्री विष्णुसहस्रनाम पाठ मंत्र

|| Shri Vishnu Stuti In English ||

॥ Vishnu Shantakaram Mantra ॥
Shantakaram Bhujagashayanam Padmanabham Suresham
Vishvadharam Gaganasadrisham Meghavarnam Shubhangam ।
Lakshmikantam Kamalanayanam Yogibhirdhyanagamyam
Vande Vishnum Bhavabhayaharam Sarvalokaikanatham ॥

Shri Vishnu Stuti


विष्णु जी का मूल मंत्र क्या है?

ॐ नमोः नारायणाय नमः। ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः। भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करें। इसके साथ इस मंत्र का जाप करें।

भगवान विष्णु की स्तुति कैसे करें?

वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम्।। यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे:। सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा:। यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम:।।

शक्तिशाली विष्णु मंत्र कौन सा है?

त्वमेव माता च पिता त्वमेव त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव । त्वमेव विद्या द्रविणम् त्वमेव त्वमेव सर्वम् मम देव देव ॥ इसका अनुवाद “हे शक्तिशाली भगवान!

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